ब्लॉक प्रमुख चुनाव: 825 में 635 से ज्यादा सीटें बीजेपी के खाते में, योगी आदित्यनाथ बोले- सरकार की नीतियों पर जनता की मुहर

साल 2022 में होने जा रहे उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों से पहले हुए पंचायत चुनावों को विधानसभा चुनावों का सेमिफाइनल माना जा रहा था। 825 में से 635 सीटें जीतने पर न सिर्फ सरकार और संगठन में उत्साह है बल्कि दिल्ली में भी जश्न है। चुनाव में परचम लहराने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री को बधाई दी है।

Ajay MishraAjay Mishra   10 July 2021 4:14 PM GMT

ब्लॉक प्रमुख चुनाव: 825 में 635 से ज्यादा सीटें बीजेपी के खाते में, योगी आदित्यनाथ बोले- सरकार की नीतियों पर जनता की मुहर

ब्लॉक प्रमुख चुनाव में जीत के बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को लड्डू खिलाते सीएम योगी आदित्यनाथ। 

लखनऊ। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में 825 में से 635 से ज्यादा सीटें भाजपा के खाते में गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस जीत का श्रय केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों और प्रदेश सरकार की योजनाओं को दिया है। भाजपा कार्यालय में पत्रकारों के साथ बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा साढ़े चार साल में गांव किसान, युवाओं के लिए योजनाएं जो बनाई गईं और बिना भेदभाव प्रत्येक तबके तक पहुंचाने का काम हुआ। केंद्र सरकार की नीतियों, प्रदेश सरकार और संगठन ने जो काम किया है। त्रिस्तरीय चुनाव के परिणाम उसके जीवंत उदाहरण हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि "क्षेत्र पंचायत प्रमुख के चुनाव में 635 से अधिक सीटों पर भाजपा अपने सहयोगियों और समर्थकों के साथ विजयी बन रही है, ये संख्या पूरे परिणाम आने पर अभी और बढ़ेगी।"

उन्होंने आगे कहा, "भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं का और जन प्रतिनिधियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं कि उन्होंने अथक प्रयास करके एक सम्मानजनक विजय पार्टी के लिए उपलब्ध करवाई है और हर तबके के कार्यकर्ता को प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ है।"

इससे पहले भारी हंगामे और आरोप प्रत्यारोप के बीच उत्तर प्रदेश में 825 ब्लॉक प्रमुखों का चुनाव सम्पन्न हो गया। आठ जुलाई को नामांकन के बाद अगले दिन 349 ब्लॉकों में निर्विरोध निर्वाचन हो गया था। 10 जुलाई को 476 प्रमुख मतदान से जीते।

उत्तर प्रदेश में 826 ब्लॉक हैं लेकिन गोंडा जिले की मुजेहना क्षेत्र पंचायत प्रमुख की सीट पर रोक के चलते प्रदेश में 825 ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव की प्रक्रिया चली थी। इस दौरान करीब 1778 प्रत्याशियों ने पर्चे दाखिल किए थे। इसमें 68 प्रत्याशियों के पर्चे जांच के बाद खारिज कर दिए गए। कुल 1710 पर्चे वैध पाए गए। 8 जुलाई को पर्चाभरने के बाद 9 जुलाई को 187 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए थे।

इस प्रक्रिया के बाद सूबे में 349 ब्लॉक प्रमुख निर्विरोध चुन लिए गए। निर्वाचन आयोग के मुताबिक शनिवार (10 जुलाई) को हुए 476 ब्लॉकों में प्रमुख पद के लिए जिला प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सूबे में कुल 75845 बीडीसी यानि क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं।

जीत के बाद अपने समर्थकों के साथ बाराबंकी में सूरतगंज ब्लॉक की प्रमुख लकी सिंह, दूसरी तरफ कन्नौज जिले में ब्लॉक घुघरापुर के संदीप चतुर्वेदी को कंधे पर उठाए उनके समर्थक।

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भाजपा का दावा है कि ज्यादातर ब्लॉकों में उसके ही प्रत्याशी जीते हैं। दूसरी ओर सपा का ग्राफ ब्लॉकों में तेजी से गिरा है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव इन चुनावों को लेकर सत्ताधारी पार्टी पर हमलावर हैं।

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत के तहत अप्रैल-मई में चुनाव हुए जिसमें ग्राम प्रधान, पंच, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों के लिए मतदान हुआ था। 2 मई को ग्राम प्रधानों के साथ क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) और जिला पंचायत सदस्यों के भी नतीजे घोषित हो गए थे लेकिन कोविड की दूसरी लहर में चुनाव के दौरान फैले संक्रमण के बाद प्रधानों की शपथ, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव टाल दिया गया था। 25-26 मई को प्रधानों और वार्ड मेंबर को शपथ दिलाई गई थी। जबकि 3 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए 53 जिलों में मतदान हुआ था। जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए भी 22 जिलों में निर्विरोध चुनाव हुए थे।

लखनऊ में चुनाव से आठ में सात सीटें भाजपा के खाते में

राजधानी लखनऊ की आठ ब्लॉक प्रमुख सीटों में हुए शनिवार को मतदान में भाजपा ने सात ब्लॉक प्रमुख पद पर जीत दर्ज की। चिनहट में ही सपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ीं ऊषा यादव ही चुनाव जीत सकीं, उन्होंने सपा प्रत्याशी शशि यादव का चुनाव में पटखनी दी। महिलाहाबाद में भाजपा प्रत्याशी निर्मल वर्मा, माल ब्लॉक में रामदेवी, सरोजनीनग्नर में सुनील कुमार, मोहनलालगंज में ओमप्रकाश शुक्ल, काकोरी में नीतू यादव, गोसाईंगंज में विनय कुमार, बख्शी का तालाब में ऊषा सिंह चुनाव जीतकर ब्लॉक प्रमुख बनीं।

इत्रनगरी की आठों सीटों पर फहरा भगवा

जनपद कन्नौज की आठों ब्लॉक प्रमुख पद पर भाजपा का कब्जा हो गया है। आठ जुलाई को नामांकन और नौ जुलाई को पर्चा वापसी के बाद सदर कन्नौज ब्लॉक से रामू कठेरिया, छिबरामऊ से सुषमा पाल, सौरिख से कपूरी देवी, हसेरन से सीमा शाक्य, तालग्राम से सुमन सिंह व जलालाबाद में प्रतिमा दोहरे सभी ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में निर्विरोध जीत दर्ज की। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बिनीत कटियार ने बताया कि 10 जुलाई को ब्लॉक गुगरापुर और उमर्दा में मतदान हुआ। संदीप चतुर्वेदी को 20 वोट और मोहम्मद इसरार को नौ मत मिले। चार वोट निरस्त कर दिए गए। इस हिसाब से भाजपा के संदीप चतुर्वेदी को जीत मिली। इसी तरह ब्लॉक उमर्दा में अजय वर्मा को 107 वोट और अनुराधा राजपूत को 12 मत ही मिले। 21 वोट निरस्त कर दिए गए। कुल 145 में 140 वोट पड़े। यह दोनों ही जीतने वाले प्रमुख भाजपा से घोषित प्रत्याशी हैं।

कई जिलों में हिंसा- हंगामा, एसपी को मारा थप्पड़

ब्लॉक प्रमुख के अध्यक्ष पद हुए चुनाव में नामांकन के दौरान से ही हिंसा शुरु हो गई थी। 8 जुलाई को सीतापुर, लखीमपुर समेत कई जिलों में भारी हंगामा हुआ था। जिसके बाद 10 जुलाई को चुनाव और मतगणना के दौरान इटावा, चंदौली, अमरोहा, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या, रायबरेली, सुल्तानपुर समेत कई जिलों में मारपीट, हंगामा, पत्थरबाजी और लाठी डंडे चलने की खबरें आई हैं। कई जगहों पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आपस में भिड़े तो कई जगहों पर भीड़ और पुलिस में भिड़ंत हुई। जिसमें कई लोगों को चोट आईं हैं। विस्तृत खबर यहां पढ़िए

12 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष की शपथ

उत्तर प्रदेश के 75 जिला पंचायत अध्यक्ष 12 जुलाई को शपथ लेंगे। शासन ने इसकी घोषणा भी कर दी है। पहली बैठक भी उसी दिन होगी और समितियों का गठन भी होगा।

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