साल 2021-22 में देश के सभी पंचायतों की होगी ऑनलाइन ऑडिट

केंद्रीय पंचायती राज, ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि पंचायतों के सोशल ऑडिट से पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही जवाबदेही तय होगी।

साल 2021-22 में देश के सभी पंचायतों की होगी ऑनलाइन ऑडिट

देश के 14 राज्यों ने 20 प्रतिशत ग्राम पंचायतों के लेखा परीक्षा का लक्ष्य पूर्ण किया है। फोटो: दिवेंद्र सिंह 

पंचायती राज संस्थाओं के लिए 15वें वित्त आयोग अनुदान के सोशल ऑडिट (सामाजिक लेखा परीक्षा) के लिए गाइड लाइन जारी कर दी गई है।

केंद्रीय पंचायती राज, ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से गाइड लाइन को जारी किया। इस गाइडलाइन का निर्माण ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, हैदराबाद ने पंचायती राज मंत्रालय के सहयोग से किया है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री तोमर ने ऑडिट ऑनलाइन शुरू करने और सामाजिक लेखा परीक्षा के दिशा निर्देशों की तैयारी के लिए इस दिशा में पंचायती राज मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की। राज्यों द्वारा की गई अच्छी प्रगति के लिए उन्हें बधाई देते हुए, उन्होंने अपील की कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में शत प्रतिशत पंचायतों के ऑनलाइन ऑडिट का लक्ष्य रखकर उसे पूर्ण किया जाए।


केंद्रीय पंचायती राज मंत्री तोमर ने इस अवसर पर कहा कि आज ग्राम पंचायतों के पास विकास कार्य के पर्याप्त धनराशि पहुंच रही है। मनरेगा, पीएम आवास जैसी योजनाओं के साथ ही केंद्र एवं राज्य वित्त आयोग के अनुदान से होने वाले कार्यों का क्रियान्वयन भी पंचायतों के माध्यम से होता है। पंचायतों के पास पैसे की कमी नहीं है। ऐसे में पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता आने के साथ ही जवाबदेही तय होना भी जरूरी है। पंचायती राज मंत्रालय ने लगातार इस दिशा में प्रयत्न किए हैं कि पंचायतों में सुशासन आएं और वे आदर्श पंचायतों के रूप में स्थापित हों। ई ग्राम स्वराज, ऑडिट लाइन एप्लीकेशन और सोशल ऑडिट जैसे प्रावधानों से ग्राम पंचायतों के कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता आना तय है।

केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ने बताया कि देश के 14 राज्यों ने 20 प्रतिशत ग्राम पंचायतों के लेखा परीक्षा का लक्ष्य पूर्ण किया है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद और राज्यों की विधानससभाएं तो महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं ही जो की पूरे देश का संचालन करती है, लेकिन इस देश को बुनियादी स्तर पर मजबूत बनाने में प्राथमिक संरकार के रूप में ग्राम पंचायतों की सबसे बड़ी भूमिका है। देश में 2 लाख 60 हजार से अधिक पंचायतों में 31 लाख से अधिक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और इसमें महिला प्रतिनिधियों की संख्या 14 लाख के लगभग है।

केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि 14 वें वित्त आयोग में 2 लाख 292 करोड़ रूपए पंचायतों को देने की अनुशंसा की गई थी। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस अनुशंसा को पूर्ण रूप से स्वीकार करते हुए कहा था कि जब पंचायतों में विकास होगा तभी देश का विकास होगा, और विगत पांच वर्षों में इस अनुदान राशि का 97 प्रतिशत हिस्सा गांवों में पहुंचाया गया है। उन्होने कहा कि 15 वें वित्त आयोग ने भी ग्राम पंचायतों को आगामी पांच वर्ष में 2 लाख 36 हजार करोड़ रुपए देने की अनुशंसा की है। इस अनुशंसा को भी सरकार ने पूर्णतः स्वीकार कर दिया है। विगत वर्ष आई वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट में भी 60 हजार करोड़ रुपए की अनुशंसा की गई थी, से भी ग्राम पंचायतों को जारी कर दिया गया है। इस राशि से गावों में बुनियादी सुविधाओं का विकास होना सुनिश्चित है।

सुनील कुमार, सचिव, पंचायती राज मंत्रालय ने ऑडिट ऑनलाइन एप्लिकेशन और सामाजिक लेखापरीक्षा के लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने राज्यों और ग्रामीण स्थानीय निकायों को इसे जल्द से जल्द अपनाने का आह्वान किया, ताकि विकास हस्तक्षेपों में पारदर्शिता और प्रभावकारिता सुनिश्चित की जा सके, जिसके लिए बड़ी मात्रा में अनुदान ग्रामीण स्थानीय निकायों को हस्तांतरित किया जा रहा है।


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