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"दिल्ली में रुकने का सवाल ही नहीं, लॉकडाउन अगर महीनों का हुआ तो क्या खाएंगे, कहां रुकेंगे" बस का इंतजार कर रहे प्रवासी ने कहा

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने 19 अप्रैल यानी आज रात 10 बजे से 26 अप्रैल की सुबह तक कर्फ्यू की घोषणा की, आदेश के बाद ही अपने घर को निकले प्रवासी। वहीं सीएम ने दिल्ली को छोड़कर न जाने का किया आग्रह।

Amit PandeyAmit Pandey   19 April 2021 1:20 PM GMT

आनंद विहार बस अड्डे की पिछले साल (2020) की तस्वीरें कोई नहीं भूल सकता, जब प्रवासी मजदूरों की भीड़ अपने घर जाने के लिए वहां इकट्ठा हुई थी। सोमवार (19 अप्रैल 2021) को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से एक हफ्ते के कर्फ्यू (19 अप्रैल की रात से 26 अप्रैल की सुबह तक) के ऐलान के बाद हमें कुछ वैसा ही नजारा एक बार फिर आनंद विहार में देखने को मिला, जहां लोगों की भीड़ अपने घर लौटने के लिए उमड़ती दिखी। हालांकि सीएम ने प्रवासियों को आश्वस्त करते हुए पिछली बार की तरह इस बार भी दिल्ली को छोड़कर न जाने का आग्रह किया।

दिल्ली के आनंद विहार में लोगों की भीड़ बस किसी तरह अपने घर पहुंचना चाहती है।

पिछले 24 घंटे में देशभर में कोरोना के कुल 2 लाख 75 हजार 306 नए मामले सामने आए। इस दौरान कुल 1625 लोगों की मौत भी हो गई। वहीं दिल्ली में ये संख्या पिछले 24 घंटे में 23500 के लगभग रही। सीएम ने कहा, हमारे पास कोई और विकल्प नहीं है और संक्रमण दर भी बहुत ज्यादा बढ़ गई है। वहीं गांव कनेक्शन ने जब सीएम के लॉकडाउन लगाने के आदेश के आनंद विहार बस अड्डे का रुख किया तो हालात काफी डराने वाले थे।

प्रवासियों को डर है कि अगर ज्यादा दिनों तक लॉकडाउन बढ़ेगा तो उनकी मुसीबतें भी बढ़ जाएंगी।

दिल्ली से 700 किमी दूर उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे चंद्रभान ने गांव कनेक्शन को बताया, "लॉकडाउन की घोषणा केवल एक सप्ताह के लिए की गई है, लेकिन इसे बढ़ाया गया तो जाने क्या होगा। उन्हें उम्मीद है कि वह अपनी पत्नी और भाई के साथ सुरक्षित अपने गांव पहुंच जाएंगे।" वह आगे कहते हैं, "यहां रुकने का तो कोई सवाल नहीं है। आगे क्या होगा ?, क्या होगा अगर लॉकडाउन 2, 3, 4 महीने बढ़ गया ? हम कहां रुकेंगे और क्या खाएंगे?"

लोग भरी बसों में बैठकर वापस घर पहुंचना चाहते हैं।

यह सवाल सिर्फ चंद्रभान के नहीं हैं, लगभग हर उसके हैं जो दिल्ली जैसे शहरों में रोजाना कमाता और खाता है। पिछले साल की भयावह यादें अब भी सबके जहन में हैं। यही वजह है कि हर कोई इस बार अपने घर जाकर सुरक्षित होना चाहता है।

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