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पंचायत चुनाव रिजल्ट: कोरोना का खौफ भूल मतगणना केंद्रों पर उमड़ी भारी भीड़, कई जगह कोविड केस निकलने से हड़कंप

उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी के बीच हुए पंचायत चुनावों के लिए मतगणना जारी है। कोई जीत में खुश है कोई हार से दुखी लेकिन जागरुक लोग, कोरोना का दर्द सहने वाले लोग मतगणना स्थलों पर उमड़ रही भीड़ को लेकर परेशान हैं। लोगों को डर है कि ये भीड़ कहीं गांव में कोरोना संक्रमण की बड़ी वजह न बन जाए ..

पंचायत चुनाव रिजल्ट: कोरोना का खौफ भूल मतगणना केंद्रों पर उमड़ी भारी भीड़, कई जगह कोविड केस निकलने से हड़कंप

मिर्जापुर में मतगणना स्थल के बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई है। फोटो: बृजेंद्र दुबे

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के मतगणना स्थलों से आ रही तस्वीरों से कई लोग सहमे हुए हैं। ये डर किसी की हार या जीत का नहीं हैं, ये डर है उस भीड़ से है जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही हैं और कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। क्योंकि इसी भीड़ से अंदर गए कई प्रत्याशियों के एजेंट कोविड़-19 पॉजिटिव मिले हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने मतगणना की इजाजत देते हुए कहा था कि कोविड को देखते हुए मतगणना स्थल के बाहर कर्फ्यू होगा, किसी तरह का विजय जुलूस या जश्न नहीं होगा, लेकिन जिस तरह की तस्वीरें कई जिलों से आईं गांव और शहर दोनों में जगहों पर रहने वाले लोग डरे हुए नजर आए।

मीरजापुर में मतगणना स्थल के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा है।

मिर्जापुर जिले के रायगढ़ में कृषक पीजी कॉलेज के बाहर लगी सैकड़ों लोगों की भीड़ की फोटो गांव कनेक्शऩ में पोस्ट होने के बाद ट्वीटर पर एक यूजर आनंद राणा ने लिखा कि "कोरोना वायरस के वाहक और वाहन" वहीं, डॉ. धीरज मिश्रा नाम के यूजर ने लिखा कि कोरोना की इस लहर को लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।" जबकि भाविन ने ट्वीटर पर लिखा, लोगों की भारी लापरवाही है ये, फिर बीमारी लगने के बाद सरकार को कोसा जाएगा, लेकिन सरकार भी एक हद तक मदद कर सकती है।" इसी पोस्ट पर आरएस यादव ने लिखा कि कोरोना महामारी में भीड़ भाड़ जमा करने वाले ऐसे लोगों पर कोरोना महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।"

उत्तर प्रदेश में 4 चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव हुए हैं जो 15 अप्रैल से शुरु हुए। इसके बाद से गांव से गांवों में लगातार कोविड जैसे लक्षणों वाले बीमार लोगों की संख्या बढ़ी है। पंचायत चुनाव उस वक्त हुए हैं जब शहरों में कोविड़ महामारी ने तबाही मचा रही है। लोग ऑक्सीजन, बेड यहां तक सामान्य बुखार की दवाओं के लिए परेशान नजर आए हैं। गांव में कोरोना किस तरह से पहुंच कर लोगों को अपनी जद में ले रहा है। गांव कनेक्शऩ पिछले कई दिनों से लगातार इस पर रिपोर्टिंग कर रहा है। संबंधित खबरें देखिए


एक-एक पद के लिए 10-10 लोग तक चुनाव लड़ते हैं, यूपी में अकेले 58000 से ज्यादा ग्राम पंचायतों के चुनाव हुए हैं कई लाख लोग पंच और क्षेत्र और जिला पंचायत के सदस्यों के रुप में मैदान में थे। मतगणना स्थलों पर इऩ सबके एजेंट वोटो की गिनती के लिए जाते हैं इसलिए अलावा हजारों मतदान और सुरक्षा कर्मी होते हैं। इन सबकी सुरक्षा और कोविड संक्रमण को रोकने के लिए कई जिलों में एजेंट के लिए कोविड जांच अऩिवार्य कर दी गई थी तो कई जगह 2 मई मौके पर जांच हुई। मतगणना स्थलों पर कोविड की एंजीजन और थर्मल जांच हुई, लेकिन ज्यादातर जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती नजर नहीं आई।

बाराबंकी में लोगों की थर्मल जांच की जा रही है।

मिर्जापुर जनपद के बथुआ पॉलिटेक्निक पर मतगणना के दौरान अंदर जाने वाले लोगों की एंटीजन जॉच हो रही, दोपहर तक 40 लोगों की जांच हुई जिसमें से 2 लोग कॉविड पॉजिटिव मिले। मिर्जापुर से गांव कनेक्शन के कम्युनिटी जर्नलिस्ट बृजेंद्र दुबे ने बताया कि जांच के बाद एक युवक मतगणना स्थल के अंदर चला गया और उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद वहां हड़कंप मच गया। किसी तरह पुलिस उसे अंदर खोजकर बाहर लाई। इसी तरह बाराबंकी जिले के तहसील फतेहपुर के इंटरकॉलेज में प्रत्याशियों के 7 एजेंट कोविड-19 पॉजिटिव मिले, जिसके बाद हंगामा मच गया।

बाराबंकी में गांव कनेक्शन के कम्युनिटी जर्नलिस्ट वीरेंद्र सिंह के मुताबिक सुबह करीब 9 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभिकर्ताओं (एजेंट और प्रत्याशी) का टेस्ट किया जिसमें से 7 लोग पॉजिटिव मिलें, इऩ्हें तत्काल मौके से हटाकर आइसोलेट किया गया और लेकिन ये एजेंट जिन टेबल (मतगणना टेबल) पर थे मौजूद थे वहां के मतदानकर्मियों में दहशत का माहौल रहा।

बाराबंकी में मतगणना स्थल के बाहर भीड़।

कन्नौज में दोपहर बाद तक महज 30-35 फीसदी वोटो की गिनती पूरी हो पाई थी। यहां पर थर्मल स्कैनिंग और एंटीजन जांच की व्यवस्था थी। गांव कनेक्शन के कम्युनिटी जर्नलिस्ट अजय मिश्रा ने बताया कि सुबह तक कई जगह पर सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन हुआ लेकिन उसके बाद कई लोग ऐसे ही अंदर चले गए।"

मिर्जापुर के विकास खंड छानवे की भारी भीड़ वाली फोटो भेजते हुए बृजेंद्र दुबे ने बताया कि वैद्य श्रीकांत इंटरकॉलेज गैपुरा कलना के बाहर शाम 5 बजे के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई है। हार-जीत की सूचना पाने के चक्कर में लोग कोरोना संक्रमण को भूल गए हैं।

लखऩऊ के करीब उन्नाव जिले की बिछिया विकास खंड के मतगणना स्थल पर मौजूद कम्युनिटी जर्नलिस्ट सुमित यादव ने बताया कि गांव की सरकार बनाने के लिए मतगणना सुबह 8 बजे से शुरु हो गई थी, जिले में जिला पंचायत के 51 पदों, प्रधान के लिए 1029 औऱ क्षेत्र पंचायत के 1023 पदों के लिए मतगणना हो रहा है। जिला प्रशासन ने पुख्या इंतजाम किए हैं, ताकि भीड़ न हो। अंदर सिर्फ प्रत्याशी और या उनके एजेंट को ही अंदर भेजा जा रहा है। उन्नाव जिले के मौरावां ब्लॉक के मतगणना स्थल पर 16 कोविड केस मिले हैं, कई दूसरे मतगणना स्थलों पर 2-3 लोग पॉजिटिव मिले हैं।

सीतापुर के कम्युनिटी जर्नलिस्ट मोहित शुक्ला ने बताया कि सीतापुर जिले के पिसावां मतदान केंद्र 50 कार्मिकों का एंटीजेन टेस्ट हुए थे, जिसमें एक रामपुर मथुरा का कर्मचारी पॉजिटिव।

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