देश भर में कोविड-19 जांच को आसान बनाने के लिए साथ आए सीएसआईआर और टाटा एमडी

टाटा एमडी सचल परीक्षण प्रयोगशाला (मोबाइल टेस्टिंग लैब) की तैनाती भी कर रहा है जो परीक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए समग्र रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान पर कहीं भी कोविड-19 का परीक्षण कर सकती है।

देश भर में कोविड-19 जांच को आसान बनाने के लिए साथ आए सीएसआईआर और टाटा एमडी

देश भर में कोविड-19 जांच को आसान बनाने के लिए सीएसआईआर और टाटाएमडी एक साथ आए हैं, इस पहल के अंतर्गत पूरे भारत में सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं के नेटवर्क का उपयोग करके देश भर में छोटे स्थानों में भारत की परीक्षण क्षमता को बढ़ाया जा सकेगा।

भारत के शीर्ष वैज्ञानिक अनुसंधान संगठन वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसन्धान केंद्र (सेंटर फॉर साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च - सीएसआईआर) और टाटा समूह के नए स्वास्थ्य देखरेख उद्यम (हेल्थकेयर वेंचर) टाटा एमडी ने दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों के साथ ही भारत भर में ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोविड-19 की परीक्षण क्षमता को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की है। सीएसआईआर और टाटा एमडी आने वाले समय में कोविड-19 सदृश किसी भी महामारी के उभरने पर आवश्यक प्रबंध करने के लिए परीक्षण आवश्यकताओं की इस क्षमता को विकसित कर रहे हैं।

इस पहल के अंतर्गत पूरे भारत में सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं के नेटवर्क का उपयोग करके देश भर में छोटे स्थानों में भारत की परीक्षण क्षमता को बढ़ाया जा सकेगा। सीएसआईआर और टाटा एमडी संयुक्त रूप से परीक्षण की क्षमताएं विकसित करेंगे। इसके लिए आरटी-पीसीआर सीआरआई एसपीआर एसएआरएस सीओवी-2 परीक्षण किट का उपयोग किया जाएगा, जिसमें सीएसआईआर-आईजीआईबी की एफईएलयूडीए तकनीक का प्रयोग किया जाता है।


सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. शेखर सी मंडे ने कहा, "टीकाकरण के अलावा, तेजी से परीक्षण और एसएआरएस सीओवी-2 (SARS-CoV-2) से संक्रमित व्यक्तियों को अलग रखना (आइसोलेट करना) ही कोविड -19 का मुकाबला करने में सबसे एक अच्छी रणनीति के रूप में सामने आया है। टाटा एमडी के साथ साझेदारी में यह पहल देश भर में फैली कई सीएसआईआर प्रयोगशालाओं में आरटी-पीसीआर सीआरआईएसपीआर परीक्षण का उपयोग करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सीओवीआईडी ​​​​के परीक्षण और स्थानीय स्तर पर इसका पता लगाने की राष्ट्रीय क्षमता को और बढ़ाएगा।"

टाटा एमडी सचल परीक्षण प्रयोगशाला (मोबाइल टेस्टिंग लैब) की तैनाती भी कर रहा है जो राज्य में परीक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए समग्र रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान पर कहीं भी कोविड-19 का परीक्षण कर सकती है।

टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक गिरीश कृष्णमूर्ति ने कहा, "सीएसआईआर के प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के साथ साझेदारी करके और पूरी तरह से सुसज्जित मोबाइल प्रयोगशालाओं को तैनात करके, हम तेज और मापन योग्य (स्केलेबल) विधियों का उपयोग करके परीक्षण क्षमता को तेजी से बढ़ा सकते हैं। और यह व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करने और निरंतर आधार पर परीक्षण तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य और जिला प्रशासन की क्षमता में काफी वृद्धि करेगा।"

उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के दौरान सीएसआईआर की 13 प्रयोगशालाएं आरटी-पीसीआर परीक्षण करने में लगी हुई हैं और सीएसआईआर और टाटा-एमडी के बीच इस साझेदारी का उद्देश्य टाटा-एमडी जांच (चेक) का उपयोग करके देश भर में स्थापित 37 सीएसआईआर प्रयोगशालाओं के विशाल नेटवर्क के माध्यम से-, उत्तर में जम्मू में सीएसआईआर-एनआईआईएसटी से दक्षिण में तिरुवनंतपुरम में सीएसआईआर-एनआईआईएसटी और पश्चिम में सीएसआईआर-सीएसएमसीआरआई, भावनगर से उत्तर-पूर्व में सीएसआईआर-एनईआईएसटी जोरहाट तक के क्षेत्र में अगले कुछ महीनों में परीक्षण क्षमता का और अधिक विस्तार करना है।

टाटा एमडी के साथ (लाइव) होने वाली पहली सीएसआईआर प्रयोगशाला सीएसआईआर-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी), देहरादून, उत्तराखंड में स्थित है। इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए, सीएसआईआर-आईआईपी के निदेशक डॉ अंजन रे ने कहा, "हमें खुशी है कि सीएसआईआर-आईआईपी इस पहल को शुरू करने वाली पहली सीएसआईआर प्रयोगशाला है और वर्तमान में परीक्षण क्षमता 800 प्रति दिन परीक्षण की होगी जिसे आवश्यकता पड़ने पर टाटा एमडी ऑटोमेशन समाधान की प्रविधि का उपयोग करके जांच को और बढ़ाया जा सकता है।"


क्या है टाटा एमडी चेक एसएआरएस सीओवी-2 (SARS-CoV-2) परीक्षण

सीएसआईआर-आईजीआईबी की एफईएलयूडीए तकनीक का प्रयोग करके एक पेपर स्ट्रिप आधारित आरटी-पीसीआर सीआरआई एसपीआर परीक्षण है जिसे भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (आईसीएमआर) ने अनुमोदित किया हुआ है। यह उच्च सटीकता वाला एक तरीका है और इसके लिए थर्मोसायकलर्स जैसी मानक प्रयोगशाला उपकरणों की आवश्यकता होती है।

टाटा एमडी ऑटोमेटेड टेस्टिंग सॉल्यूशन- टाटा एमडी चेक ऑटोमेटेड टेस्टिंग सॉल्यूशन बिना किसी दोहरी मिलावट (क्रॉस-संदूषण) के अपनी परीक्षण क्षमता को हजारों तक बढ़ा सकता है। इस समाधान को मौजूदा एनएबीएल अनुमोदित आणविक प्रयोगशाला के साथ-साथ टाटा एमडी मोबाइल परीक्षण प्रयोगशालाओं में भी स्थापित किया जा सकता है।

टाटा एमडी मोबाइल टेस्टिंग लैब्स

टाटा एमडी अपने स्वामित्व वाली तीन कक्षों की डिज़ाइन सचल परीक्षण प्रयोगशाला भी तैनात कर रहा है जिसे लोव और यूनाइटेड वे के साथ साझेदारी में निर्मित करने के बाद षन्मुख एमआईटी ने तैयार किया है। यह समग्र प्रयोगशाला राज्य में परीक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए किसी भी स्थान पर ऑन-साइट कोविड-19 से जुडी गतिविधियों का संचालन कर सकती है।

टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड (टाटा एमडी)

टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड (टाटा एमडी), टाटा समूह का नया पूर्ण स्वामित्व वाला एक ऐसा स्वास्थ्य सेवा उद्यम है जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के लिए स्वास्थ्य सेवा को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए एक अग्रणी, रोगी-केंद्रित नैदानिक ​​समाधान प्रदान करना है।

टाटा एमडी के उत्पाद और समाधान आने वाले समय में तेजी से विकसित होने वाली स्वास्थ्य सेवा अर्थव्यवस्था के विभिन्न उन पहलुओं को शामिल करेंगे जिनमें सीआरआईएसपीआर-आधारित अभिनव निदान, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए एकीकृत 'कनेक्टेड केयर' समाधान भी शामिल हैं।

2020 की वैश्विक महामारी के दौरान शुरू (लॉन्च) किए गए, टाटा एमडी ने दुनिया के पहले व्यावसायिक रूप से उपलब्ध सीआरआईएसपीआर सीएएस-9 आधारित कोविड-19 परीक्षण, टाटा एमडी चेक को विकसित करके बाजार में उतारा है और जिसके लिए एक भारत के एक प्रमुख जैव अनुसन्धान संस्थान की सीएसआईआर-आईजीआईबी की एफईएलयूडीए तकनीक का प्रयोग किया जाता है I

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